पीएचडी की सीट नेता के नाम,
Research का 'R' भी नहीं जिनका काम।
जब!
तीन बार के JRF —को नहीं किया स्वीकार,
घूसखोरों का नाम लिया, सच बोलने पर बस किया प्रहार।
तब!
बताइए, वांगचुक जी,
धरना आखिर किसके लिए जी?
मौका मिलता!
तब
90% तो पेपर खरीद ही लेते हरबार,
और
बाकी 10% ईमानदार हैं बेकार—(नहीं) बीमार?
सरकार के हिसाब से वही तो है
अब —"Type I Error"! यार!😏📚